OBC Creamy Layer Criteria


        It is observed in many cases that people are not aware of all the criteria related to the OBC Creamy layer categorization. Many times candidates apply to competitive examinations with the OBC non-Creamy layer category but at the time of document verification, they have to face problems and in some cases their candidature is at stake of cancellation. For clarity of OBC creamy layer, I am broadly discussing three cases below:

1) If your Father/Mother is working in Central Government Department:

S. No. Condition Category
1 If Father & Mother both are appointed as Group-A Officer OBC Creamy Layer
2 If Father & Mother both are appointed as Group-B Officer OBC Creamy Layer
3 If either Father or Mother is appointed as Group-A Officer OBC Creamy Layer
4 If Father & Mother both appointed as other than Group-A or B Officer and both Promoted as Group-A or Group-B officer before age of 40 years OBC Creamy Layer
5 If Father & Mother both appointed as other than Group-A or B Officer and both Promoted as Group-B officer or any one promoted to Group-A before age of 40 years OBC Creamy Layer
6 If either Father or Mother is appointed as other than Group-A and Promoted to Group-A officer before age of 40 years OBC Creamy Layer

2) If your Father/Mother is working in State Government Department:

S. No. Condition Category
1 If Father & Mother both are appointed as Group-B Officer OBC Creamy Layer
2 If Father & Mother both appointed as other than Group-B Officer and both Promoted as Group-A officer before age of 40 years OBC Creamy Layer
3 If Father & Mother both appointed as other than Group-B Officer and both Promoted as Group-B officer or any one promoted to Group-A before age of 40 years OBC Creamy Layer
4 If either Father or Mother is appointed as other than Group-B and Promoted to Group-A officer before age of 40 years OBC Creamy Layer

3) If your Father/Mother is working in other Semi-Government/Autonomous Departments (PSU, Banks, Insurance Organizations, Universities etc.)

The criteria prescribed for determining creamy layer status of sons and daughters of persons in Government service mutatis mutandis applies to the sons and daughters of persons holding equivalent or comparable posts in PSUs, Banks, Insurance Organizations, Universities etc. and holding equivalent or comparable posts and positions under private employment. The creamy layer status of the sons and daughters of employees of organizations where evaluation of the posts on equivalent or comparable basis has not been made is determined on the basis of ‘Income/Wealth Test’ given in the Schedule. The Income/Wealth Test prescribes that the sons and daughters of persons having gross income of Rs. 6.0 lakh or above or possessing wealth above the exemption limit as prescribed in the Wealth Tax Act for a period of three consecutive years would be treated to fall in creamy layer.

Clarification:-

Income of the parents from salaries and from the other sources [other than salaries and agricultural land] is determined separately. If either the income of the parents from the salaries or the income of the parents from other sources [other than salaries and agricultural land] exceeds the limit of Rs. 6.0 lakh per annum for a period of three consecutive years, the sons and daughters of such persons shall be treated to fall in creamy layer. But the sons and daughters of parents whose income from salaries is less than Rs. 6.0 lakh per annum and income from other sources is also less than Rs. 6.0 lakh per annum will not be treated as falling in creamy layer even if the sum of the income from salaries and the income from the other sources is more than Rs. 6.0 lakh per annum for a period of three consecutive years. It may be noted that income from agricultural land is not taken into account while applying the Test.

For detailed information and all the letters, circulars issued by Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions regarding the OBC Creamy/Non-creamy layer, please visit the link given below:

http://www.ncbc.nic.in/Writereaddata/dopteng.pdf

Link for proforma to be filled & submitted by OBC candidates at the time of documents verification for exam conducted by UPSC:

http://upscdaf.nic.in/daf/daf_ese_2016/ANNEXURE.pdf

Link for downloading the updated OBC Proforma:

http://www.upsc.gov.in/recruitment/proforma/2015/obc%20revised%20proforma.pdf

http://www.ncbc.nic.in/Writereaddata/36036_2_2013-Estt-Res_30052014635430196013010641.pdf

भारत दर्शन : मनाली यात्रा


13087481_581135665380619_6274790010216904290_n

29 अप्रैल, 2016 दिन शुक्रवार

 सुबह 05:30, टिक-टिक, टिक-टिक

अचानक आँख खुली और इतनी तेज गति से अलार्म को बंद करने के लिए उठा जैसे अगले ही पल में ज्वालामुखी फट जायेगा। अचानक याद आया कि आज तो रोज की भाँति शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) के लिए नहीं जाना है, अनायास ही मन इतना प्रसन्न हुआ जैसे आज तो महानिदेशक पदक ही प्राप्त कर लिया हो । इस शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) के रद्द होने का भी एक कारण था, पूर्व रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था एवं तत्पश्चात उत्साह से आप्लावित परिवीक्षार्थिओं का DJ कार्यक्रम भी था । मैंने पुनः अपनी शायिका की ओर देखा और ऐसा लगा जैसे वो वर्षों से मेरा इंतज़ार कर रही थी, मैंने भी बिना विलंब किए उसका आमंत्रण स्वीकार किया और हम दोनों कुछ ही क्षणों में एक दूसरे के इतने समीप हो गए, जैसे वियोग में बैठे प्रेमी को अचानक से उसकी प्रेयसी मिल गई हो ।

29 अप्रैल, 2016 दिन शुक्रवार

 सुबह 07:55

कुछ कंपन सा महसूस हुया, आँख खुली तो देखा मेरा कक्ष साथी (ROOM-MATE) मुझे जगा रहा था, मैं HIGH SPEED TRAIN (द्रुत गति रेलगाड़ी) की गति से उठा और ऐसा लगा मानो आज मेरे उदर को भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी का पौष्टिक एवं स्वस्थ नाश्ता नसीब नहीं होगा । मैंने जल्दी-जल्दी में सम्पूर्ण दैनिक क्रियाएँ सम्पन्न करने की कोशिश की किन्तु प्रतिदिन की भाँति पूर्ण सफलता नहीं मिली और मैं आंशिक सफलता के साथ तुरंत मेस की तरफ इस उम्मीद से भागा कि थोड़े से भोज्य पदार्थ से अपनी क्षुधा को शांत करूंगा लेकिन प्रतिदिन की तरह आज भी पंक्ति इतनी लंबी थी कि मैंने आँखों से ही वहाँ बैठे व्यक्तिओं की थाली का दर्शन कर अपनी क्षुधा को शांत करने का निष्फल प्रयास किया, लेकिन शायद मेरे उदर को यह तरीका स्वीकार न था । अत: मैंने भी पंक्ति में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा की और उपलब्ध संसाधनों को कम से कम समय में ग्रहण करने का प्रयास किया ।

अब मैं कक्षा के अंदर प्रवेश कर चुका था और मैंने अपने बैठने की जगह भी सुनिश्चित कर ली थी, क्योंकि रोज की भाँति मैं अपने निर्धारित स्थान पर ही बैठना पसंद करता था ।

आज सुबह से ही मन बहुत रोमांचित हो रहा था क्योंकि आज शाम से हमारा बहुप्रतीछित भारत दर्शन का शिक्षा दौरा प्रारम्भ होना था और हमें मनाली जाने का अवसर प्राप्त हुआ था । अत: आज के व्याख्यानों में मन न लगना स्वाभाविक था, किन्तु मन को दिलासा देकर किसी तरह प्रथम व्याख्यान (राजभाषा) निंद्रा के आगोष में आये बिना सफलतापूर्वक पूर्ण किया एवं चाय और बिस्कुट का अल्पाहार लेकर दूसरे व्याख्यान के लिए बैठ गए। इस समय तक लोगों में आलस्य का स्थायित्व  आ चुका था, लेकिन इस व्याख्यान में सोना, शेर के मुख से निवाला निकालने जैसा था क्योंकि इस विषय के प्राध्यापक ने आरंभ में ही यह सांकेतिक चेतावनी दे दी थी कि उनके विषय में सफल होने की प्रायिकता लगभग शून्य है एवं उनके विषय में कोई लिखित परीक्षा भी नहीं होगी, केवल मौखिक परीक्षा के आधार पर अंक दिये जाएँगे। लोगों ने अपनी इंद्रियों पर काबू करने का निष्फल प्रयास किया, किन्तु आज का मानव अपने आप को व्हाट्सअप्प (WHATSAPP) जैसे सामाजिक एवं आवश्यक बुराई से कैसे दूर रख सकता है, अत: कुछ दोषियों को चेतावनी देकर छोड दिया गया । किसी तरह यह व्याख्यान समाप्त हुआ और लोगों ने बिना किसी चेतावनी संकेत की परवाह किए मेस में पंक्ति बना ली और दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद सरदार पटेल सभागृह में एकत्रित होने लगे क्योंकि आज सबको यात्रा भत्ता की अग्रिम राशि मिलनी थी एवं भारत दर्शन के कार्यक्रम की सम्पूर्ण एवं अंतिम जानकारी भी मिलनी थी ।

Sorry, the coach cannot be attached in any train. We have to manage ourselves.” इन शब्दों के साथ वरिष्ठ प्राध्यापक (संघटनात्मक व्यवहार) ने अपना उद्बोधन प्रारम्भ किया । सभी परिवीक्षार्थी इस समाचार से सहम से गए थे क्योंकि सभी को वो दिन याद आने लगे थे, जब बिना कन्फ़र्म टिकट के यात्रा करने पर टीटी द्वारा अनादरित होते थे । किन्तु कुछ समय पश्चात हमें यह बताया गया की सभी के लिए कन्फ़र्म टिकट की व्यवस्था कर दी गयी है, लेकिन समस्या यह है की समूह के 98 सदस्यों को तीन रेलगाड़ियों  से पृथक-पृथक करके भेजा जाएगा । कुछ परिवीक्षार्थी इस समाधान से अत्यंत प्रसन्न हुये किन्तु कुछ के हृदय में ऐसा पहाड़ टूटा जैसे उनके मित्र की किसी अन्य ट्रेन में एक रात्रि की यात्रा से उनके व्यक्तिगत जीवन में कलह पैदा कर देगी । किसी तरह अन्य लोगों ने ऐसे चोली–दामन के साथ वाले मित्रों को ढाढ़स बधाया । हमे ट्रेक्किंग से संबन्धित सभी आवश्यक सामग्री की जानकारी पुनः करायी गयी एवं कम से कम सामान ले जाने की सलाह भी दी गयी । सभी परिवीक्षार्थिओं ने अपना थैला तैयार कर लिया और बचा-कुचा सामान जुटाने में लग गए ।

रात्रि में भोजन के उपरांत हम लोग स्टेशन की ओर रवाना होने के लिए छात्रावास के द्वार पर पँहुचे, बस में आरूढ़ होने का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा था और हमेशा की तरह बस परिवीक्षार्थिओं से ऐसे आच्छादित थी मानो यह बस किसी सिनेमा हाल की ओर जा रही हो । मेरी बस छूट चुकी थी और मेरे साथ दो अन्य परिवीक्षार्थी भी इस घटना के साक्षी थे । ऐसी अवस्था में हमने बिना समय बर्बाद किए तुरंत “JUGNOO AUTO” को बुलाया और शान से स्टेशन पहुंचे । हम लोग ट्रेन में आरूढ़ हुये और अपनी सीट पर पहुँच कर सामान को व्यवस्थित करके तुरंत ट्रेन में उपस्थित अपने साथियों से मिलने निकल पड़े जैसे हम सुबह की सैर पर निकले हों और पूरी ट्रेन हमारा मोहल्ला हो एवं हम उस मोहल्ले के नेता ।

30 अप्रैल , 2016 दिन शनिवार  

अगले दिन सुबह सभी की रेलगाडियाँ देश की राजधानी दिल्ली पहुँच चुकी थी और हमारी मनाली के लिए बस शाम को 4 बजे यमुना रेस्ट हाउस के सामने से मिलनी थी, अत: लोगों ने अपनी दैनिक क्रियाएँ सम्पन्न करने के पश्चात CONNAUGHT प्लेस का भ्रमण करने में समय का सदुपयोग किया और शाम को 4 बजे यमुना रेस्ट हाउस में उपस्थित हो गए, लेकिन बस का कोई अता-पता नहीं था । हमें आज पुनः आभास हुआ की हमारे यहाँ मानक समय मात्र एक परिकल्पना है जिसका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है और हमारे यहाँ समयानुसार कोई भी घटना होना असंभव है, चाहे वह राजधानी एवं शताब्दी जैसी ट्रेनों का गन्तव्य पर पहुँचना ही क्यूँ न हो । कुछ ही समय में वहाँ NRTMA (Northern Railway Trekking and Mountaineering Association) के प्रतिनिधि आ गए और इस समय का उपयोग हमें NRTMA की टोपी एवं एक छोटा थैला देने में किया गया । अंततोगत्वा दो बसें 17:30 पर निर्धारित स्थान पर आई। समूह के पुनः दो भागों में पृथक होने का समय आ गया था, जहाँ एक ओर चोली – दामन के साथ वाले परिवीक्षार्थिओं को एक रात्रि का बिछड़ना भी स्वीकार्य नहीं था वहीं दूसरी ओर ऐसे व्यक्ति भी थे जो अपनी बस में किसी नारी को नहीं बैठाना चाहते थे । अन्ततः सारे संभव क्रमचय एवं संचय के बाद लोगों ने अपनी अपनी जगह सुनिश्चित की और दोनों बसों ने 6:00 बजे शाम को मनाली के लिए प्रस्थान किया । चलने से पहले ही यह निर्धारित किया गया था कि रात्रि के भोजन के लिए बस को कहाँ रुकवाना है, रात्रि में लगभग 10:20 के आस-पास हम सुंदरनगर में किसी ढ़ाबे पर रुके और शालीनता का परिचय देते हुये 98 लोग कतार लगा चुके थे। स्थान सीमित था, व्यक्ति अधिक थे और कुछ तो सुबह से इस उम्मीद में भूखे थे कि रात्रि में असीमित भोजन से अपनी क्षुधा को शांत करेंगे । खैर किसी तरह सभी ने कुछ न कुछ खा के आगे कि यात्रा की शुरुआत की। रात्रि में दीप विषर्जन का समय भी हो गया था, अत: लोगों ने अपनी-अपनी अर्ध शायिका को आवश्यकतानुसार तिरछा किया और अपने अपने इष्ट देवता को याद करके सो गये ।

01 मई, 2016 दिन रविवार

अचानक से मुझे कुछ कंपन सा महसूस हुया, आँख खुली तो पता चला की मैं जिस बस में यात्रा कर रहा था उसमे कुछ तकनीकी खराबी आ गयी थी, अभी सुबह के 5:00 बजे थे । मुझे बी टेक प्रथम वर्ष में अध्ययन किए गये यांत्रिक अभियांत्रिकी के कुछ सिद्धान्त याद थे और शायद आज उपयुक्त समय भी था, लेकिन मेरे साथ इस देश के यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक व्यक्तियों की अग्रिम पंक्ति भी सफर कर रही थी, अत: मैंने किसी भी प्रकार का तकनीकी सुझाव देने से अपने आप को रोक लिया और यात्रा प्रतिनिधि के अग्रिम आदेश की प्रतीक्षा में बैठ गया । हमें आदेश प्राप्त हुआ की हम समाने के एक ढ़ाबे में बैठ जाएँ और दूसरी बस की प्रतीक्षा करें । कुछ ही समय उपरांत हमें दूसरी बस में बैठाया गया और हम पुनः अपने अधूरे स्वप्न को पूर्ण करने की कोशिश में सो गये ।  अभी सुबह के 8:00 बजे थे कि फिर से किसी ने जगा दिया, आँख खुली तो पता चला की हमारी बस मण्डी के किसी होटल के बाहर खड़ी है । अब लोगों की सुबह की दैनिक क्रियाओं का भी समय हो चुका था । कुछ लोगों को शायिका चाय उपलब्ध नहीं हुयी थी तो ऐसे लोगों को दैनिक क्रियाओं में अपेछित  सफलता नहीं मिली किन्तु कुछ लोगों ने जल की उचित मात्रा का सेवन करके दैनिक क्रियाओं में पूर्ण सफलता प्राप्त की। हम लोग जल्दी से आगे के सफर के लिए इस उम्मीद के साथ रवाना हुये की सुबह का नास्ता मनाली के होटल में करेंगे, किन्तु क्या पता था की नास्ते का सारा पैसा सिर्फ आधे लोग ही वसूल कर पाएंगे जो पहले ही मनाली पहुँच चुके  थे और अपने दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे थे । अब दोपहर के लगभग 12:30 बजे थे और हमारी बस मनाली के प्राइवेट बस स्टैंड पहुँच चुकी थी ।  बस से उतरते ही वहाँ के अल्प तापमान का अनुभव हुआ, कुछ लोगों को सीघ्र भूख लगी थी तो कुछ पवित्र लोग बिना स्नान भोज्य पदार्थ को हाथ भी नहीं लगाना चाहते थे , वहीं कुछ के आभा– मण्डल से प्रतीत हो रहा था की इन्हें सुबह की दैनिक क्रिया में पूर्ण सफलता नहीं मिली है। हम पूर्व निर्धारित होटल में आए और हमें बताया गया की दोपहर का भोजन 01:30 पर मिलेगा । मुझे होटल का ROOM दो IRSEE परिवीक्षार्थिओं के साथ साझा करना था, हम लोग कक्ष में पहुंचे और अपने अपने सामान को यथा स्थान रख दिया । शायद दोनों IRSEE परिवीक्षार्थिओं ने मनाली घूमने की रूपरेखा पहले से ही बना रखी थी, इसलिए दोनों तुरंत COOL DUDE बन गये और अविलंब बाहर चले गये । अब मैं कक्ष में अकेला था , मैं स्नान करके भोजन के लिए निर्धारित स्थान पहुँच गया जहाँ गरमागरम भोजन हमारी राह देख रहा था, मैंने बिना देर किए अपनी थाली में आवश्यकतानुसार भोज्य पदार्थ रखा और जल्दी से अपने उदर की क्षुधा को शांत किया । हम सभी 14:30 पर पूर्व नियोजित स्थान पर एकत्रित हुये जहाँ NRTMA वालों ने हमें पुनः पर्वतारोहण से संबन्धित अतिआवश्यक वस्तुयों के बारे में बताया, जैसे – हाथ में पहनने के दस्ताने, अच्छे जूते, पराबैंगनी किरणों को परावर्तित करने वाला चश्मा , जुराबों के 2-3 सेट , ठंडक से बचने के लिए आवश्यक वस्त्र । हमें इन सभी आवश्यक वस्तुयों को एकत्रित करने के लिए अगले दिन के सुबह 08:00 बजे तक का समय दिया गया । जहाँ कुछ लोग सामान खरीदने के लिए मनाली की माल रोड़ स्थित बाज़ार की तरफ निकल गये वहीं कुछ लोग मनाली के आस –पास की जगह को देखने निकल पड़े । मैं भी बाज़ार से कुछ सामग्री क्रय करके 6:00 बजे तक वापस आ गया  और सो गया । रात्रि का भोजन 8:30 पर मिलना था इसलिए समय से 5 मिनट पहले हम भोजन लेने की पंक्ति में खड़े हो गए । जहाँ एक ओर दोपहर की भाँति स्वादिष्ट एवं लज़ीज़ शाकाहारी भोजन था वहीं दूसरी ओर शाम के भोजन में मांसाहार की भी व्यवस्था थी, कुछ लोग इस मौके और मौसम दोनों का फ़ायदा उठाते हुये अपनी चिर स्थायी भूख को शांत करने में लग गए । भोजन के पश्चात हम लोग अपने अपने कक्ष में आ गए , लेकिन मेरे कक्ष में आवंटित दो लोग अभी भी शायद मनाली की गलियों में कहीं घूम रहे थे और मुझे पता भी नहीं था कि उनके दैनिक कार्यक्रम की क्या रूपरेखा थी ? मैं कपाट की कुंडी लगा ही रहा था कि तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया, मैंने कपाट खोले तो सामने वो दोनों खड़े थे और उनके आभा मण्डल को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे स्वर्ग का सफ़र पूर्ण करके आए हों । मैंने उनका स्वागत किया और उन्हे अगले दिन के कार्यक्रम की जानकारी दी, कुछ ही देर में उन्होने अपने थैले से नशीला द्रव (वियर)  निकाला और बालकनी में बैठ गए , मैं उनके जवानी के जोश के उफान को शांत नहीं करना चाहता था इसलिए मैंने शायिका पर समय बिताना उचित समझा ।

02  मई, 2016 दिन सोमवार

अभी सुबह के 6:00 बजे थे और शायिका से उठने का मन नहीं कर रहा था, किन्तु किसी तरह अपने अधूरे रात्रि स्वप्न का परित्याग करके उठना पड़ा और सुबह की शायिका-चाय 6:30 पर ग्रहण करने के पश्चात 8 बजे अल्पाहार के लिए निर्धारित स्थान पर पहुँच गये । अल्पाहार के बाद हमें 8:45 पर DHUNDI कैंप के लिए प्रस्थान करना था, अत: सभी अपना-अपना  सामान बाँध कर आगे की यात्रा के लिए कमर कस कर  वाहन का इंतज़ार कर रहे थे इस दौरान कुछ लोगों ने समय का पूर्ण उपयोग करते हुये अपनी अपनी SELFIE को मोबाइल में कैद कर लिया। कुछ समय पश्चात 4 छोटी बसें आयीं और सभी लोगों ने अपना अपना स्थान सुनिश्चित किया और हम आगे की यात्रा जोकि की लगभग 20  किमी के आस-पास थी, के लिए निकल पडे । कुछ ही पलों में हमारे कुछ साथियों ने बस के ध्वनि प्रणाली पर अपना कब्जा करके, मन चाहे नग्मों का सिलसिला शुरू कर दिया और हम मनाली की वादियों में खो से गये । शायद अभी 11:00 बजे थे और हमारी बस DHUNDI कैंप स्थल के समीप पहुँच चुकी थी, और लगभग 1 किमी का पैदल सफर तय करने के बाद हमें DHUNDI कैंप पहुँचना था । यहाँ पर हमें अनावश्यक सामान को यहीं पर रखने की सलाह दी गयी, सभी ने अपने-अपने सामान का कुछ अंश वहीं रख दिया और कुछ समय पश्चात हम आगे की ओर रवाना हुये । करीब 1 घंटे में हम “बकरथच” कैंप पहुँच गए जिसकी समुद्र तल ऊँचाई लगभग 11500 फीट थी, आज के दिन हमें यहीं रुकना था और अगले दिन प्रात:काल व्यास कुंड के लिए प्रस्थान करना था ।  “बकरथच” कैंप पहुँच कर सभी को टेंट एवं स्लीपिंग बैग आवंटित कर दिये गए, किसी टेंट में 3 लोग तो किसी में 6 लोगों ने अपना सामान रखा । कुछ समय पश्चात दोपहर के भोजन का समय हो गया था, इसलिए खाने के लिए पंक्ति का लगना स्वाभाविक था । खाने में सब्जी, दाल, चावल, रोटी सभी कुछ था एवं इस ऊँचाई पर इतने अच्छे और स्वादिष्ट भोजन को ग्रहण करने के बाद लोगों ने सोना पसंद किया, लेकिन कुछ लोग अभी प्रकृति की गोद में बैठकर पल-पल बदलते मौसम का आनंद लेने लगे । अभी दोपहर के करीब 3:30 बजे थे कि एक सीटी की आवाज़ सुनाई दी जो की इशारा कर रही थी कि शाम की चाय मिलने का समय हो गया है । सभी ने पंक्तिबद्ध होकर चाय एवं बिस्कुट ग्रहण किया और तत्पश्चात सभी एक स्थान पर एकत्रित हुये जहाँ सभी को पर्वतारोहण से संबन्धित मूलभूत बातों से अवगत कराया गया एवं कुछ समय बाद ACCLIMATIZATION WALK पर जाने का आदेश दिया गया । इस ACCLIMATISATION WALK का उद्देश्य हमें अगले दिन होने वाली यात्रा के प्रति अनुकूलित करना था । जहाँ बहुत से लोगों ने बड़े ही उत्साह के साथ इस WALK का मज़ा लिया, वहीं कुछ लोगों ने अपने यहाँ आने के निर्णय पर खेद भी व्यक्त किया। इस  ACCLIMATISATION WALK के दौरान हमने लगभग 2.5 किमी की पैदल यात्रा की और शाम को 6:30 बजे तक अपने कैंप स्थल पर आ पहुँचे । कुछ समय पश्चात पुनः सीटी की आवाज़ के साथ लोग सूप लेने के लिए पंक्ति में लग गए । इसी क्रम में रात्रि भोजन का भी कार्यक्रम था, इतनी  ऊँचाई पर विद्युत का कोई साधन नहीं था, अत: जल्दी भोजन ग्रहण करने के पश्चात दीप विसर्जन करना था । सभी ने भोजन ग्रहण किया, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती थी कि बिना हाथ में जल का स्पर्श किए थाली कैसे धुली जाये ? किसी तरह लोगों ने हिम्मत करके उस ठंडे-ठंडे जल से थाली धुली और अपने अपने टेंट में चले गये । कुछ रात्रिचर साथियों ने ताश के पत्ते खेलकर समय का सदुपयोग भी किया । अब समय था अपने आप को स्लीपिंग बैग के अंदर स्थापित करने का, जो कि अत्यंत कठिन सा प्रतीत हो रहा था लेकिन स्लीपिंग बैग ने मेरे अकेलेपन को सहारा दिया और मैं कुछ ही समय में उससे लिपटकर ऐसे सो गया जैसे बरसों से विछड़े नायक नायिका का मिलन हो गया हो ।

03  मई, 2016 दिन मंगलवार

आज एक अविस्मरणीय ऐतिहासिक पर्वतारोहण यात्रा की शुरूआत होनी थी । जहाँ कुछ लोग सुबह 4:00 बजे से अपनी दैनिक क्रियाओं को सम्पन्न करने के सपने लेकर कैंप से निकल चुके थे वहीं कुछ लोग अभी अपने स्वप्न में ही खोये हुये थे। आखिर 6:30 तक सभी लोग चाय लेने के लिए पंक्ति में लग चुके थे । कुछ लोगों ने अपनी दैनिक क्रियायों को चाय गृहण करने के बाद पूर्ण करने में सफलता पायी, तो कुछ लोगों के उदर में कई अवांछनीय उपापचय क्रियायों ने जन्म ले लिया था जिनसे छुटकारा पाना बहुत कठिन सा प्रतीत हो रहा था । 7:30 पर अल्पाहार ग्रहण करने के पश्चात हम 8:15 पर पर्वतारोहण के लिए निकले, निकलते समय हमें मार्ग के लिए बिस्कुट, चॉकलेट, MANGO FROOTI जैसे खाद्य पदार्थ भी दे दिये गए । सभी लोग ऊर्जा से आप्लावित थे और एक दूसरे का हौसला बढ़ाते हुये एक कतार में लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे थे ।  कुछ लोग एक समान गति से चल रहे थे तो किसी की चाल समय के साथ मंद हो रही थी । कुछ लोग मार्ग में मिल रही बर्फ से खेल रहे थे तो कुछ लोग अधिक से अधिक चित्र की चाह में बार बार नयी भाव भंगिमा में नज़र आ रहे थे । आज हमें लगभग 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुँचना था जहाँ से व्यास नदी का उद्गम हो रहा था । आज की यात्रा कठिन थी क्योंकि आज हमें अधिकतम पैदल यात्रा बर्फ के ऊपर चलकर पूरी करनी थी । लोगों में उत्साह की कमी नहीं थी, सभी एक पंक्ति में आगे बढ़ रहे थे एवं SELFIE का भूत अभी भी कई लोगों के सर चढ़ के बोल रहा था । लगभग 3 किमी की यात्रा के पश्चात अब हमें एक ऊँचे पर्वत की चोटी पर चढ़ना था, यह अत्यंत कठिन सा प्रतीत हो रहा था किन्तु आत्मविश्वास से परिपूर्ण साथियों के साथ मैं 3-4 अल्पविराम में इस पहाड़ के शीर्ष पर पहुँच गया । अभी भी हमारी मंज़िल लगभग 0.5 किमी दूर थी लेकिन इसके आगे का सफ़र कुछ ज्यादा ही कठिन था क्योंकि अब हिम से पूरी तरह आच्छादित ग्लेशियर हमारे कदमों के नीचे था और 96 व्यक्तियों का समूह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था । कुछ ही देर में हम अपनी मंज़िल पर पहुँच चुके थे और लोगों ने जल्दी-जल्दी इस पल को अपने कैमरे में कैद किया और इतनी ऊँचाई पर बैठकर मौसम का आनंद लेने लगे । इस समय तक मौसम बहुत खराब हो चुका था और बारिश किसी भी समय हो सकती थी, इसलिए हमें जल्दी से प्रस्थान करने का आदेश प्राप्त हुआ । पहले बने पद चिन्ह अब तक बहुत फिसलन भरे हो चुके थे, उनका अनुशरण करना हानिकारक हो सकता था इसलिए उसके आसपास के क्षेत्र से होते हुये सभी लोग वापस लौटने लगे । कुछ लोग इस समय तक बहुत थक चुके थे और पीड़ा से कराह रहे थे लेकिन उनके पास चलने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था । कई लोगों ने पैदल चलने की बजाय बर्फ पर फिसलकर कुछ मार्ग पूरा किया, हालांकि यह सही विकल्प नहीं था क्योंकि पश्च भाग से ऊष्मा का स्थानांतरण उनके स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं था ।  जैसे–जैसे लोग तम्बू के करीब पहुँच रहे थे, मन में आत्म विश्वास बढ़ रहा था और मुख मंडल पर खुशी के भाव भी । पता नहीं किस जगह पर मेरा एक पग गलत तरीके से पड़ा और मेरे एक पैर में कुछ तकनीकी खराबी आ गयी और मैं दर्द से कराह रहा था, मैं अपनी पीड़ा लिए अपने तम्बू की तरफ बढ़ रहा था और 3-4 विराम के पश्चात अपने कैंप में पहुँच गया जहाँ दोपहर का भोजन सभी का इंतज़ार कर रहा था । सभी ने जल्दी-जल्दी भोजन ग्रहण किया और अपने–अपने तम्बुओं में जाके आराम करने लगे । कुछ समय पश्चात बारिश भी प्रारम्भ हो गयी और मेरी आँख कब लग लगी, शायद मैं बहुत थक गया था इसलिए पता भी नहीं चला । टेंट के बाहर सीटी की आवाज सुनायी दी, बाहर निकल कर देखा तो सूर्य देव पहाड़ों के पीछे से उस दिन के अंतिम दर्शन दे रहे थे । हमने SOUP लेने की पंक्ति में अपना स्थान बनाया और हम सूप का आनंद ले ही रहे थे की बारिश भी प्रारम्भ हो गयी । किसी तरह बारिश की ठंडी-ठंडी बूंदों से बचते बचाते हमने रात्रि भोज को अपने उदर में स्थापित किया और तेजी से अपने तंबू में आ गए । अभी शाम के 7:30 बजे थे और नींद न आना स्वाभाविक था, अत: मेरे साथियों ने ताश के पत्ते खेलने का आग्रह किया । मुझे ताश की ABCD ही आती थी, लेकिन आज अपने ज्ञान को बढ़ाने का मौका भी था और समय भी । करीब 2-3 घंटे ताश खेलने के बाद हमने अपने अपने स्लीपिंग बैग में अपने आप को यथासंभव स्थापित किया और पर्वतारोहण की अपनी यात्रा के पलों को याद करते करते कब आँख लग गयी, पता भी नहीं चला ।

04  मई, 2016 दिन बुधवार

आज सूरज कुछ ज्यादा ही चमकीला प्रतीत हो रहा था, हाँ पर उन कुछ लोगों के लिए जो कल व्यास कुंड पर किसी तरह पहुँच कर अपने आप को भाग्यशाली समझ रहे थे, वहीं दूसरी ओर अधिकतर लोगों के लिए यात्रा का यह अंतिम पड़ाव मिला जुला था । आज सुबह उठने की जल्दी नहीं थी क्योंकि DHUNDI कैंप तक का सफर बहुत छोटा था । सब ने सुबह उठकर सारी शंकाओं के निराकरण के पश्चात जलपान किया और यह जानते हुये भी कि अब वापसी का सफर बिना खतरे, बिना हिम और बिना सूरज की पराबैंगनी किरणों वाला है, लोगों ने विभिन्न प्रकार की महंगी क्रीम का लेप करके और आँखों पर काला चश्मा चढ़ा के आगे चलना शुरू किया । कुछ एक स्वाभाविक रूप से कमजोर दिखने या दिखाने वालों के लिए ये पहाड़ों की उतरन भी जटिल प्रतीत हो रही थी । जैसे तैसे सभी लोग नीचे स्थित DHUNDI कैंप पर पहुँच गए । पहुँचते ही वर्षा का आरंभ होना और अगली पारी के मित्रों का मिलना जैसा 1942 के “रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम” का अहसास करा गया और अगली पारी के सदस्यों को यात्रा से जुड़ी बातों का बोध कराया गया  । आगे कैंप पर दिये गए तंबुओ का स्व-आवंटन प्रारंभ हुआ और सबने इसमें तत्परता दिखाते हुये अपनी सुविधानुसार अधिक ऑक्सीजन वाले तम्बू हथियाए । DHUNDI कैंप, समस्त नहीं तो बहुतायत सुविधायों से युक्त एक आधुनिक कैंप था जिसको देखते ही बकरथच कैंप की सारी चुनौतियाँ याद आ जाती थीं । पर अभी जनसमूह का हर्षोल्लास देखने लायक था जिसमें दोपहर के भोजन ने चार चाँद लगा दिये । चार दिनों बाद पर्वत पर ऐसा भोजन जिसमें  अचार एवं सलाद भी हो तो खुशी के आँसू स्वाभाविक थे । भोजन  समाप्त करने के बाद सबने मोबाइल (दूरध्वनी यंत्र) टटोले और सिग्नल की एक खूँटी दिखते ही खुद को 25-26 मित्रों के साथ फीलिंग एक्साइटेड की ख़बर FACEBOOK पर प्रसारित कर दी और अवांछनीय LIKES की राह में बैठ गए । दिन की आखिरी चुनौती नदी पार करने की थी जिसको सुरक्षा उपकरणों के साथ पार करना था । खैर 13000 फीट ऊँचाई चढ़ चुके लोगों के लिए यह मात्र एक खेल था जिसे सबने हँसते हँसते पूर्ण किया । शाम होते ही समूह के कुछ चंचल साथियों ने, जो भली भाँति यह जानते थे कि आज कैंप की अंतिम रात्रि होगी, कुछ अनूठे माध्यम से ऐसी अंताछरी खेली जिसमें एक ही गाने को तोड़ मरोड़ के विविध रूपों में प्रस्तुत किया । आज अगर आर डी बर्मन होते तो शायद अपनी आत्महत्या कर लेते । जैसे-तैसे उत्तेजित साथियों पर शीतल जल ड़ालकर उनके अंदर की अग्नि को प्रज्वलित होने से रोका गया । रात में वर्षा के कारण ठंड बढ़ चुकी थी पर बकरथच जैसी भी नहीं थी जिसने WATERPROOF स्लीपिंग बैग की अवधारणा को भी गलत सिद्ध कर दिया था । इस प्रकार एक और दिन कुशलता पूर्वक व्यतीत हो गया ।

05  मई, 2016 दिन गुरुवार

 

सुबह 4 बजे ही आँख खुल गयी और मैं अनायास ही अपने स्लीपिंग बैग में पड़ा पड़ा इंतज़ार करने लगा की कब थोड़ा सा प्रकाश हो और मैं अपनी दैनिक क्रियाओं को सम्पन्न करूँ क्यूंकी आज हम 95 लोगों के पास केवल दो अस्थाई टॉयलेट थे और समय के साथ टॉयलेट में पहले जाने की प्रतिस्पर्धा बढ़ना भी स्वाभाविक था । किसी तरह सुबह के 4:30 बजे और मैं अपने टेंट से बाहर निकला, चारो ओर अंधेरा देख कर मन भयभीत हो गया जैसे बचपन में पढ़ी एवं सुनी गयी कहानियों के सच होने का समय आ गया था । कुछ समय पश्चात मानव जाति के दर्शन हुये और मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और इस आत्मविश्वास का फायदा उठाते हुये मैंने अपनी दैनिक क्रियाएँ 5:15 तक सम्पन्न कर ली और टेंट के बाहर ही बैठ कर ठंडी ठंडी पवन का आनंद लेने लगा ।

सुबह 6:30 पर चाय मिली और 8:30 पर अल्पाहार ग्रहण करके हम लोगों ने अपना बैग बांधा और आगे की पैदल यात्रा के लिए तैयार हो गए। हम करीब 09:00 बजे उन वादियों को अलविदा कह कर वहाँ से सोलांग वैली के लिए निकले । अब हमें लगभग 6.5 किमी का सफर पैदल तय करना था ।  सभी लोग उत्साह के साथ एक पंक्ति में आगे बढ़ रहे थे, जहाँ मार्ग में कुछ लोग समय निकाल कर प्रकृति की गोद में SELFIE का आनंद भी ले रहे थे वहीं कुछ लोग अपनी यात्रा के अनुभव अपने सफर के साथियों के साथ बाँट रहे थे। क़रीब 11:00 बजे तक हम सभी सोलांग वैली पहुँच चुके थे और दिन के प्रधान भोजन का इंतज़ार करने लगे । कुछ ही समय में भोजन तैयार हो गया और सभी भोजन ग्रहण करने के पश्चात वापस लौटने के लिए बस की राह देखने लगे ।  कुछ ही समय के उपरांत सभी ने ट्रेवेलर में अपनी अपनी जगह सुनिश्चित की और मनाली के लिए प्रस्थान किया । मनाली से दिल्ली के लिए हमारी बस शाम को 4:00 बजे थी, इसलिए लगभग 3:30 घंटे का बहुमूल्य समय हमें मनाली की माल रोड़ में सैर करने के लिए दिया गया । हालाँकि दोपहर का समय था, लेकिन मनाली का मौसम बहुत सुहावना हो रहा था, पूरी माल रोड़ सैलानियों से भरी पड़ी थी, नव विवाहित दम्पतियों का भी हुजूम चरम पर था । जहाँ एक ओर कुछ साथी कपड़े खरीद रहे थे वहीं कुछ अपने विवाह के उपरांत मनाली आने की योजना पर काम कर रहे थे । हमने भी लोकल फूड का आनंद लिया और पास ही स्थित बौद्ध MONASTERY में कुछ समय बिताया । चार बजे तक सभी लोग प्राइवेट बस स्टैंड पहुँच चुके थे जहाँ से सभी को दिल्ली की बस में आरूढ़ होना था  । अब प्रश्न यह था की कौन किस बस का चयन करेगा और किस बस में फ़ैकल्टी एवं नारियाँ जाएँगी ? एक ओर कुछ साथियों में परस्पर दोस्ती अत्यंत प्रगाढ़ हो चुकी थी, वहीं कुछ लोगों में परस्पर रोष भी व्याप्त था। अन्ततः सारे संभव क्रमचय एवं संचय के बाद लोगों ने अपनी अपनी जगह सुनिश्चित की और दोनों बसों ने 4:30 बजे शाम को दिल्ली के लिए प्रस्थान किया । अभी हमने लगभग 1 घण्टे का सफर ही तय किया था कि दूसरे बस के मार्ग में खराब होने की सूचना हमारे यात्रा प्रतिनिधि के पास आयी, अब मैं मन ही मन ईश्वर को इस बात का धन्यवाद दे रहा था कि उसने मुझे समय पर सद्बुद्धि दी और मैंने इस बस में आरूढ़ होने का निर्णय लिया । जहाँ एक ओर बस बहुत तीव्र गति से अपना मार्ग तय कर रही थी वहीं दूसरी ओर कुछ लोग निंद्रा के आगोष में आ चुके थे और कुछ लोग बस में लगे ELECTRONIC यन्त्र में चलचित्र का आनंद ले रहे थे । मैंने भी अपने नयनों को कुछ आराम प्रदान करने की कोशिश की लेकिन अग्रिम सीट पर स्थापित होने के कारण, सोने में सफलता नहीं मिली । अभी रात्रि के लगभग 9:00 बजे थे, बाहर बारिश भी हो रही थी, अचानक बस एक ढाबे पर रुकी । बाहर देखा तो पता चला कि यह वही सुनियोजित स्थान था जहाँ हमें रात्रि का भोजन ग्रहण करना था ।  हमारी दूसरी बस को आने में समय था, अत: सभी दूसरी बस का इंतज़ार किए बिना भोजन लेने की पंक्ति में लग गए । हालाँकि भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था लेकिन शायद मौसम ने उसे बेस्वाद कर दिया था, किसी तरह लोगों ने अल्पतम एवं आवश्यक मात्रा में भोज्य पदार्थ ग्रहण किया और हमारे यात्रा प्रतिनिधि को भोजन से संबन्धित शिकायतें  देने लगे, हमारा यात्रा प्रतिनिधि बहुत ही सज्जन प्रकृति का था इसलिए उसने बड़े ही सहज भाव से मामले को संभाला और हम आगे की यात्रा के लिए बस में बैठ गए । भोजन ग्रहण करने के बाद जहाँ एक ओर बस की रफ्तार और भी तेज़ हो गयी थी वहीं लोग धीरे-धीरे निंद्रा के आगोष में जाते दिखाई दे रहे थे । मेरी भी कब आँख लग गयी, पता नहीं चला ।

06  मई, 2016 दिन शुक्रवार

सुबह 6:00 बजे अचानक से आँख खुली तो देखा बस एक मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़ी थी और सभी लोग जल्दी-जल्दी नीचे उतर रहे थे । मैंने भी अपने स्वप्न को बीच में ही त्याग दिया और सारे सामान को एकत्रित करते हुये बस को अलविदा कह दिया । यहाँ से लोगों ने अपने-अपने गंतव्य के अनुसार दिल्ली मेट्रो की सेवाओं का उपयोग किया और निर्धारित स्थान पर पहुँच गए । कुछ लोगों को दिल्ली में रुकना था तो कुछ अपने घर जाना चाहते थे, कुछ दिल्ली घूमना चाहते थे तो कुछ को अगली ट्रेन से वडोदरा के लिए रवाना होना था । अत : लोगों ने अपने अपने विकल्प चुन लिए और इस प्रकार हमारी इस यात्रा का अन्त हुआ ।

                                               

13198396_1189287667771705_3166784527861897914_o

( सौरभ सिंह, भारतीय रेल इंजीनियरिंग  सेवा – 2013 परिवीक्षार्थी )

Saurabh Singh
IRSE-2013

Comparison of GATE and ESE syllabus for Civil Engineering


SUBJECT                                    GATE UPSC ESE
 

Engineering Mathematics

Linear Algebra: Matrix algebra; Systems of linear equations; Eigen values and Eigen vectors.

Calculus: Functions of single variable; Limit, continuity and differentiability; Mean value theorems, local maxima and minima, Taylor and Maclaurin series; Evaluation of definite and indefinite integrals, application of definite integral to obtain area and volume; Partial derivatives; Total derivative; Gradient, Divergence and Curl, Vector identities, Directional derivatives, Line, Surface and Volume integrals, Stokes, Gauss and Green’s theorems.

Ordinary Differential Equation (ODE): First order (linear and non-linear) equations; higher order linear equations with constant coefficients; Euler-Cauchy equations; Laplace transform and its application in solving linear ODEs; initial and boundary value problems.

Partial Differential Equation (PDE): Fourier series; separation of variables; solutions of one-dimensional diffusion equation; first and second order one-dimensional wave equation and two-dimensional Laplace equation.

Probability and Statistics: Definitions of probability and sampling theorems; Conditional probability; Discrete Random variables: Poisson and Binomial distributions; Continuous random variables: normal and exponential distributions; Descriptive statistics – Mean, median, mode and standard deviation; Hypothesis testing.

Numerical Methods: Accuracy and precision; error analysis. Numerical solutions of linear and non-linear algebraic equations; Least square approximation, Newton’s and Lagrange polynomials, numerical differentiation, Integration by trapezoidal and Simpson’s rule, single and multi-step methods for first order differential equations.

 

 

Engineering Mathematics and Numerical Analysis

 

Structural Engineering

Engineering Mechanics: System of forces, free-body diagrams, equilibrium equations; Internal forces in structures; Friction and its applications; Kinematics of point mass and rigid body; Centre of mass; Euler’s equations of motion; Impulse-momentum; Energy methods; Principles of virtual work.

 

 

 

 

 

 

 

Solid Mechanics

Bending moment and shear force in statically determinate beams; Simple stress and strain relationships; Theories of failures; Simple bending theory, flexural and shear stresses, shear centre; Uniform torsion, buckling of column, combined and direct bending stresses.

 

Solid Mechanics

Elastic constants, Stress, plane stress, Strains, plane strain, Mohr’s circle of stress and strain, Elastic theories of failure, Principal Stresses, Bending, Shear and Torsion.

 

 

 

 Structural Analysis

Statically determinate and indeterminate structures by force/ energy methods; Method of superposition; Analysis of trusses, arches, beams, cables and frames; Displacement methods: Slope deflection and moment distribution methods; Influence lines; Stiffness and flexibility methods of structural analysis.

 

 

 

 

Structural Analysis

Basics of strength of materials, Types of stresses and strains, Bending moments and shear force, concept of bending and shear stresses; Analysis of determinate and indeterminate structures; Trusses, beams, plane frames; Rolling loads, Influence Lines, Unit load method & other methods; Free and Forced vibrations of single degree and multi degree freedom system; Suspended Cables; Concepts and use of Computer Aided Design.

 

Construction Materials

Construction Materials: Structural steel – composition, material properties and behaviour; Concrete – constituents, mix design, short-term and long-term properties; Bricks and mortar; Timber; Bitumen.

 

 

 

Building Materials

Stone, Lime, Glass, Plastics, Steel, FRP, Ceramics, Aluminum, Fly Ash, Basic Admixtures, Timber, Bricks and Aggregates: Classification, properties and selection criteria; Cement: Types, Composition, Properties, Uses, Specifications and various Tests; Lime & Cement Mortars and Concrete: Properties and various Tests; Design of Concrete Mixes: Proportioning of aggregates and methods of mix design.

Construction Management

Types of construction projects; Tendering and construction contracts; Rate analysis and standard specifications; Cost estimation; Project planning and network analysis – PERT and CPM.

Construction Practice, Planning and Management:

Construction – Planning, Equipment, Site investigation and Management including Estimation with latest project management tools and network analysis for different Types of works; Analysis of Rates of various types of works; Tendering Process and Contract Management, Quality Control, Productivity, Operation Cost; Land acquisition; Labour safety and welfare.

Concrete Structures

Working stress, Limit state and Ultimate load design concepts; Design of beams, slabs, columns; Bond and development length;

Prestressed concrete; Analysis of beam sections at transfer and service loads.

Design of Concrete and Masonry structures:
Limit state design for bending, shear, axial compression and combined forces; Design of beams, Slabs, Lintels, Foundations, Retaining walls, Tanks, Staircases; Principles of pre-stressed concrete design including materials and methods; Earthquake resistant design of structures; Design of Masonry Structure. 
Steel Structures

Working stress and Limit state design concepts; Design of tension and compression members, beams and beam- columns, column bases; Connections – simple and eccentric, beam-column connections, plate girders and trusses; Plastic analysis of beams and frames.

Design of Steel Structures:

Principles of Working Stress methods, Design of tension and compression members, Design of beams and beam column connections, built-up sections, Girders, Industrial roofs, Principles of Ultimate load design.

Geotechnical Engineering Soil Mechanics

Origin of soils, soil structure and fabric; Three-phase system and phase relationships, index properties; Unified and Indian standard soil classification system; Permeability – one dimensional flow, Darcy’s law; Seepage through soils – two-dimensional flow, flow nets, uplift pressure, piping; Principle of effective stress, capillarity, seepage force and quicksand condition; Compaction in laboratory and field conditions; One-dimensional consolidation, time rate of consolidation; Mohr’s circle, stress paths, effective and total shear strength parameters, characteristics of clays and sand.

Geo-technical Engineering

Soil exploration – planning & methods, Properties of soil, classification, various tests and inter-relationships; Permeability & Seepage, Compressibility, consolidation and Shearing resistance, Earth pressure theories and stress distribution in soil; Properties and uses of geo-synthetics.

 

 

 

 

 

Foundation Engineering

Sub-surface investigations – scope, drilling bore holes, sampling, plate load test, standard penetration and cone penetration tests; Earth pressure theories – Rankine and Coulomb; Stability of slopes – finite and infinite slopes, method of slices and Bishop’s method; Stress distribution in soils – Boussinesq’s and Westergaard’s theories, pressure bulbs; Shallow foundations – Terzaghi’s and Meyerhoff’s bearing capacity theories, effect of water table; Combined footing and raft foundation; Contact pressure; Settlement analysis in sands and clays; Deep foundations – types of piles, dynamic and static formulae, load capacity of piles in sands and clays, pile load test, negative skin friction.

Foundation Engineering

Types of foundations & selection criteria, bearing capacity, settlement analysis, design and testing of shallow & deep foundations; Slope stability analysis, Earthen embankments, Dams and Earth retaining structures: types, analysis and design, Principles of ground modifications.

Water Resources Engineering Fluid Mechanics

Properties of fluids, fluid statics; Continuity, momentum, energy and corresponding equations; Potential flow, applications of momentum and energy equations; Laminar and turbulent flow; Flow in pipes, pipe networks; Concept of boundary layer and its growth.

Hydraulics

Forces on immersed bodies; Flow measurement in channels and pipes; Dimensional analysis and hydraulic similitude; Kinematics of flow, velocity triangles; Basics of hydraulic machines, specific speed of pumps and turbines; Channel Hydraulics – Energy-depth relationships, specific energy, critical flow, slope profile, hydraulic jump, uniform flow and gradually varied flow.

Fluid Mechanics, Open Channel Flow, Pipe Flow

Fluid properties; Dimensional Analysis and Modeling; Fluid dynamics including flow kinematics and measurements; Flow net; Viscosity, Boundary layer and control, Drag, Lift, Principles in open channel flow, Flow controls. Hydraulic jump; Surges; Pipe networks.

Hydraulic Machines and Hydro power

Various pumps, Air vessels, Hydraulic turbines – types, classifications & performance parameters; Power house – classification and layout, storage, pondage, control of supply.

 

 

Hydrology

Hydrologic cycle, precipitation, evaporation, evapo-transpiration, watershed, infiltration, unit hydrographs, hydrograph analysis, flood estimation and routing, reservoir capacity, reservoir and channel routing, surface run-off models, ground water hydrology – steady state well hydraulics and aquifers; Application of Darcy’s law.

Hydrology

Hydrological cycle, Ground water hydrology, Well hydrology and related data analysis; Streams and their gauging; River morphology; Flood, drought and their management; Capacity of Reservoirs.

 

 

 

 

Irrigation

Duty, delta, estimation of evapo-transpiration; Crop water requirements; Design of lined and unlined canals, head works, gravity dams and spillways; Design of weirs on permeable foundation; Types of irrigation systems, irrigation methods; Water logging and drainage; Canal regulatory works, cross-drainage structures, outlets and escapes.

Water Resources Engineering

Multipurpose uses of Water, River basins and their potential; Irrigation systems, water demand assessment; Resources – storages and their yields; Water logging, canal and drainage design, Gravity dams, falls, weirs, Energy dissipaters, barrage Distribution works, Cross drainage works and head-works and their design; Concepts in canal design, construction & maintenance; River training, measurement and analysis of rainfall.

Environmental Engineering Water and Waste Water

Quality standards, basic unit processes and operations for water treatment. Drinking water standards, water requirements, basic unit operations and unit processes for surface water treatment, distribution of water. Sewage and sewerage treatment, quantity and characteristics of wastewater. Primary, secondary and tertiary treatment of wastewater, effluent discharge standards. Domestic wastewater treatment, quantity of characteristics of domestic wastewater, primary and secondary treatment. Unit operations and unit processes of domestic wastewater, sludge disposal.

Water Supply Engineering

Sources, Estimation, quality standards and testing of water and their treatment; Rural, Institutional and industrial water supply; Physical, chemical and biological characteristics and sources of water, Pollutants in water and its effects, Estimation of water demand; Drinking water Standards, Water Treatment Plants, Water distribution networks.

Waste Water Engineering

Planning & design of domestic waste water, sewage collection and disposal; Plumbing Systems. Components and layout of

sewerage system; Planning & design of Domestic Waste-water disposal system; Sludge management including treatment, disposal and re-use of treated effluents; Industrial waste waters and Effluent Treatment Plants including institutional and industrial sewage management.

 

Municipal Solid Wastes

Characteristics, generation, collection and transportation of solid wastes, engineered systems for solid waste management (reuse/ recycle, energy recovery, treatment and disposal).

 

Solid Waste Management

Sources & classification of solid wastes along with planning & design of its management system; Disposal system, Beneficial aspects of wastes and Utilization by Civil Engineers.

Air Pollution

Types of pollutants, their sources and impacts, air pollution meteorology, air pollution control, air quality standards and limits.

Noise Pollution: Impacts of noise, permissible limits of noise pollution, measurement of noise and control of noise pollution.

Air, Noise pollution and Ecology

Concepts & general methodology.

 

 

Transportation Engineering Transportation Infrastructure

Highway alignment and engineering surveys; Geometric design of highways – cross-sectional elements, sight distances, horizontal and vertical alignments

Railways

Geometric design of railway track

Airports

Airport runway length, taxiway and exit taxiway design.

Highway Pavements

Highway materials – desirable properties and quality control tests; Design of bituminous paving mixes; Design factors for flexible and rigid pavements; Design of flexible pavement using IRC: 37-2012; Design of rigid pavements using IRC: 58-2011; Distresses in concrete pavements.

Traffic Engineering

Traffic studies on flow, speed, travel time – delay and O-D study, PCU, peak hour factor, parking study, accident study and analysis, statistical analysis of traffic data; Microscopic and macroscopic parameters of traffic flow, fundamental relationships; Control devices, signal design by Webster’s method; Types of intersections and channelization; Highway capacity and level of service of rural highways and urban roads.

Highways

Planning & construction methodology, Alignment and geometric design; Traffic Surveys and Controls; Principles of Flexible and Rigid pavements design.

 

Tunneling

Alignment, methods of construction, disposal of muck, drainage, lighting and ventilation.

 

 

Railways Systems

Terminology, Planning, designs and maintenance practices; track modernization.

 

 

Harbours

Terminology, layouts and planning.

 

Airports

Layout, planning & design.

Geomatics Engineering Principles of surveying; Errors and their adjustment; Maps – scale, coordinate system; Distance and angle measurement – Levelling and trigonometric levelling; Traversing and triangulation survey; Total station; Horizontal and vertical curves.

Photogrammetry – scale, flying height; Remote sensing – basics, platform and sensors, visual image interpretation; Basics of Geographical information system (GIS) and Geographical Positioning system (GPS).

Surveying

Classification of surveys, various methodologies, instruments & analysis of measurement of distances, elevation and directions; Field astronomy, Global Positioning System; Map preparation; Photogrammetry; Remote sensing concepts; Survey Layout for culverts, canals, bridges, road/railway alignment and buildings, Setting out of Curves.

 

Geology

Basic knowledge of Engineering geology & its application in projects.

Salary and Pay Comparison


Whenever you apply for any job, the very first and important question that comes in mind is “What will be the package /salary and allowances etc.?”

I have found many candidates always concerned with the salary and allowances they will get in different type of jobs like PSU, State Government, Central Government, R & D organizations, etc. So, I thought to share the pay structure of the PSU, State Government and Central Government jobs in India. I am not going to compare the nature of job, I am only going to tell you the pay structure and the initial salary you get in PSU, State Government and Central Government. I have considered the Pay Band-3 in CDA scale and Executive Grade IDA Scale in PSUs.

Central PSU (IDA Scale) State PSU (CDA Scale) Central Government (CDA Scale) State Government (CDA Scale) R & D Organization (BARC/DRDO etc.) (CDA Scale)
Basic Pay (INR) 16400 or 20600 or 24900 15600+5400 15600+5400 15600+5400 15600+5400
DA rate on 31st Dec. 2015 107.9 % 119 % 119 % 119 % 119 %
Cafeteria Allowance rate 46 to 51 % NIL NIL NIL NIL
HRA rate (depend on place of posting) 10 or 20 or 30 % 10 or 20 or 30 % 10 or 20 or 30 % 10 or 20 or 30 % 10 or 20 or 30 %
Lease Amount Approx. 16000-21000 May or May not be NIL NIL NIL
Conveyance/Transportation Allowance (depend on place of posting) Approx. 3000-5500 1600 or 3200 plus DA 1600 or 3200 plus DA 1600 or 3200 plus DA 1600 or 3200 plus DA
Telephone Reimbursement Approx. 500-1500 CUG System CUG System CUG System CUG System


General Formula for Salary Calculation

Gross = Basic * (100 + DA rate + Cafeteria rate + HRA rate)/100 + Conveyance Allowance

Deductions

The Various deductions in the salary may be under following heads:

              IDA Scale : EPF, LIC Scheme, Social Security, Income Tax etc.

              CDA Scale : NPS, CGHS, Professional Tax, Income Tax etc.

 

EPF Vs. NPS

EPF refers to Employee  Provident Fund which has generally fix annual rate of interest and is a compulsory instrument of Tax saving for the government organizations whereas NPS refers to New Pension Scheme, started 2004 onwards appointments to the Central Government Employees and Sate Government Employees. The NPS is also a compulsory instrument of Tax saving for the Government Employees governed by this scheme. The rate of return is variable (may be positive, negative or zero) in NPS because it is based on the market value of the funds invested in Equity.

 

CDA Scale Vs IDA Scale ?

CDA means Central Government Dearness Allowance while IDA means Industrial Dearness Allowance. CDA is applicable to the Central government, state government and state PSUs while IDA is applicable mostly to all the Central PSUs. The DA revision is half yearly in CDA whereas it is quarterly in IDA pattern. CDA and IDA are calculated based on the All India Consumer Price Index number/ Market rates/ Other Price Indices etc.

For Example:

IDA rate (%) CDA rate (%)
From 01 January, 2015 100.3 113
From 01 April, 2015 100.5 113
From 01 July, 2015 102.6 119
From 01 October, 2015 107.9 119

 

Disclaimer– Above article compares the pay and allowances as they exist as of now. When 7th pay commission report will be implemented , it will be updated in that context.

 

Proper Channel for PSU to UPSC


About Author 

12308130_1235046663178789_6648380544890912558_o

Author has worked with NHPC Ltd.(Central PSU) for more than 3 years and while working cleared UPSC ESE three times consecutively in 2012, 2013 and 2014. Author has received awards from the Chief Minister of UP twice for securing Merit Positions in High-School and Intermediate Examinations of UP Board and also honored by Department of Science/ UP for securing highest marks in Science in High-School Examination. Author also bagged the Silver Medal of the University in B. Tech. Author has a deep interest in Hindi Literature and also received the title of “Manas Mandal Sudharak” from Manas Samiti Kanpur.


 

I have found many candidates preparing for exams conducted by UPSC while working with PSU or Some other government organization. Some of the candidates are always concerned for the transfer of service agreement bond, technical resignation, proper channel and resignation procedure etc.

I have appeared in UPSC ESE consecutively three times starting from 2011 to 2014 along with working in NHPC Ltd. (Miniratna Company). I got selected with AIR-144, 073, 157 in ESE-2012, 2013 and 2014 respectively. Since I was working with a PSU, I always applied for the exam duly intimating my parent organization at each stage of the selection procedure. I have also found that many candidates do not intimate to their parent department while applying for any Competitive exams due to many reasons.

Let us understand the consequences if you will not intimate your parent organization:

  • Since UPSC does not ask for any experience certificate and No Objection Certificate for appearing in ESE, you can hide the fact without indicating in DAF (Detailed Application Form) and without intimating your current department, but it may cause trouble in future because these details will always be in record. Suppose you want to apply for any other post through Deputation, you cannot show your experience of previous job because you have not mentioned it in DAF while applying.
  • If while applying for UPSC ESE, you have not intimated to your current organization. You cannot give resignation indicating that you are going to join Some Central Govt. department allocated through UPSC ESE, but you have to give resignation on personal ground.
  • If you are under any Service Bond Obligation and your bond period is not completed in the current organization, you have to pay the currency of the bond and resignation must be on personal ground.
  • If your current organization is PSU, it must be having EPF (Employee Provident Fund) Scheme, and for State Government/Central Government the Scheme is NPS (New Pension Scheme). If you are coming from PSU, you have to withdraw the amount and If you are coming from State Government/Central Government department you can transfer your NPS account, without withdrawing your money, But for the transfer of account your resignation must be through proper channel.
  • If you are appointed through the ESE, you will get pay-protection and balance leave transferred, only if your earlier employer was a State Government/Central Government organization and resignation is through proper channel. In case of PSU, no provision of pay-protection is there.
  • In the rarest of the rare case, you may be in trouble if your current organization informs to UPSC that you have not applied through proper channel without intimating them. It may result into cancellation of candidature and a case may also be registered under Section-420 of IPC.

Proper Channel

Many candidates are not aware of the facts that every communication to the Human Resource division of the organization should be through proper channel. Proper Channel simply means that you have intimated through your controlling/reporting officer to the head of the division to the HR section of the organization, indicating “through proper channel” at the top of the letter. (E.g.- Chief Engineer ⇒Divisional GM ⇒ Divisional ED ⇒ GM (HR))

Technical Resignation

Technical Resignation simply means that you have applied through proper channel intimating at all the phases of the selection procedure.

Service Agreement Bond Transfer

Now-a-days, every organization like PSUs, BARC, DRDO etc., is following a trend of Service Agreement Bond. The bond mentions that you have to serve under that organization or Defence Services or Government of India for a particular period of time. If you have applied through proper channel, your bond gets transferred to the new organization clearly indication that you must complete the remaining period of the bond with the new organization. If you have applied through proper channel, it is the responsibility of your previous organization to communicate with the Concerned Ministry about your bond obligations and you need to sign the new bond with the new Organization for the remaining period of bond and it will be sent back to your earlier employer.

Intimation Stages

Many times it happens that candidates intimate only at the time of application only, but you must intimate the present employer at each phase like while application, while filling DAF and Interview and Finally resignation. While taking leave for appearing in exam, you should clearly mention that you are talking leave for appearing in Examination.

The aim of this article is to familiarize the peoples about the common mistakes that may create problem in your bright future and also aware the candidates about the procedure to be followed while applying for UPSC ESE or any other Examination.

For any query, please comment.

Thanks